परवाह नहीं चाहे ज़माना कितना भी खिलाफ हो,
चुप चाप गुज़ार देंगे तेरे बिन भी ये जिंदगी,
बैठे बैठे भीग जाती है पलकें दर्द छुपाना नहीं आता
तुझे देख बिना ये चेहरा खिल नहीं सकता।।
इतनी ठोकरे देने के लिए शुक्रिया ए-ज़िन्दगी,
पर किसी के सामने टूटने की हिम्मत नहीं होती।
लोग तसल्लियां तो देते Sad Shayari in Hindi हैं पर साथ नहीं..!!
ये जो तुम मुझे छोड़ने की बातें करते हो,
बहुत तङपाते है अक्सर सीने से लगाने वाले।
चार घर की दूरी है, और बीच में सारा जमाना है…!!!
जब पिंजरे से प्यार हुआ, तो रिहाई का वक्त आ पोहोंचा…!
तुमने रास्ते बदले तो मैने सफ़र ही छोड़ दिया।
दिल तोड़ने वालों को सज़ा क्यों नहीं मिलती?
दिल के ज़ख़्म फिर से ताज़ा हो जाते हैं।