Sad Shayari in Hindi Fundamentals Explained

परवाह नहीं चाहे ज़माना कितना भी खिलाफ हो,चुप चाप गुज़ार देंगे तेरे बिन भी ये जिंदगी,बैठे बैठे भीग जाती है पलकें दर्द छुपाना नहीं आतातुझे

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